बेटियां भी बेटों के समान उंचाईयों को छू रही हैं, जरूरत है इन्हें बेहतर शिक्षा देने की

राष्ट्रीय बालिका दिवस का जिला स्तरीय कार्यक्रम

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बाड़मेर।

बेटियां भी बेटों के समान उंचाईयों को छू रही है, बस अगर जरूरत है इन्हें बेहतर शिक्षा देने की। क्योंकि बेहतर शिक्षा मिलने पर बेटियां भी बेटों से आगे बढकर अपने देश और समाज का नाम बुलदियों पर ला सकती है। इसलिए बेटी बचाओं ओर बेटी पढ़ाओं के साथ-साथ उनको सक्षम बनाने में अपना योगदान देने चाहिये। यह बात महावीर टाउन होल में जिला स्तरीय राष्ट्रीय बालिका दिवस कार्यक्रम के दौरान मुख्य कार्यकारी अधिकारी कालूराम ने कही।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्जवलन कर किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कमलेश चौधरी ने कहा कि बेटा और बेटी में कोई फर्क नहीं है। बेटियां भी बेटों के समान उंचाइयों को छू रही हैं। जरूरत है इन्हें बेहतर शिक्षा देने की व बेटियां भी बेटों के समान उंचाईयों को छू रही हैं। जरूरत है इन्हें बेहतर शिक्षा देने की। उन्होनें कहा कि सरकार की ओर से भी बेटी बचाओं, बेटी पढाओं का नारा दिया जा रहा है। हम सभी को आगे आकर इसे और मजबूत करने की आवश्यकता है। बेटियां रहेंगी तभी समाज का अस्तित्व रहेगा।
महिला एवं बाल विकास की उप निदेशक सती चौधरी ने कहा कि अगर बेटियों की कोख में ऐसे ही हत्या होती रही तो कन्या पूजन कब तक संभव होगा। अन्होने सभी से आव्हान किया कि आओं हम सब मिलकर बेटियों को बचाएं, उन्हें पढाएं और सशक्त बनाएं। हम सभी को सामूहिक प्रयास करके जागरूकता अभियान चलाकर लोगों की मानसिकता बदलनी होगी।

उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पी.सी.दीपन ने कहा कि राजस्थान प्रदेश में पिछलें कुछ समय में अथाह विकास हुआ है तथा इस सौंदर्य से परिपूर्ण प्रदेश में साक्षरता दर बढ रही है। कार्यक्रम अधिकारी प्रहलाद सिंह ने सभी अतिथियों का आभार जताया एवं राष्ट्रीय बालिका दिवस के बारे में विस्तार से जानकारी दी। जिला पीसीपीएनडीटी समन्वयक अजय कल्याण ने बताया कि बेटियों के महत्व को बढाने के लिए पिछले सात दिन से आंगनवाडी केन्द्र, विद्यालय एवं महिला कॉलेज में प्रश्नोतरी, बालिकाओं में मेहंदी प्रतियोगिता, नारे लेखन, पोस्टर प्रतियोगिता की गई थी जिनमें प्रथम, दुसरे एवं तीसरे स्थान पर रहने वाली छात्राओं को जिला स्तरीय समारोह में सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान आशा समन्वयक राकेश भाटी द्वारा प्रश्नोतरी का आयोजन किया गया एवं जवाब देने वाले पचास प्रतिभागियों को वर्ड विजिन इण्डिया की तरफ से पुरस्कार दिया गया।

जिला शिक्षा अधिकारी कन्हैयालाल ने अपने संबोधन में कहा कि बालिकाएं शिक्षित होंगी तो अपना, परिवार एवं देश का नाम रोशन करेंगी। कार्यक्रम मे अध्यापिका तारा चौधरी ने अपने औजस्वी उदबोद्न में कहा कि इस पुरूष प्रधान समाज में नारी किसी भी क्षेत्र में कम नहीं है। वह अपना कार्य परिवार संचालन की तरह निष्ठा से कार्य करती है।

इस अवसर पर सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के सहायक निदेशक नानकचन्द्र चन्द्रोदय ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पाने वाली बालिकाओं को शिक्षा हेतु प्रोत्साहित करने के लिए प्रतीक चिन्ह एवं प्रसंशा पत्र प्रदान किए।
इस अवसर पर कार्यक्रम में मुख्य कार्यकारी अधिकारी कालूराम, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ कमलेश चौधरी, महिला एवं बाल विकास की उप निदेशक सती चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारम्भिक कन्हैयालाल देदवाल, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के सहायक निदेशक नानक चन्द चन्द्रोदय, महिला अधिकारीता विभाग के सहायक निदेशक प्रहलाद सिंह राजपुरोहित, उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रेम चन्द दीपन सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला आशा समन्वयक राकेश भाटी ने किया।

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