फुटबॉल के साथ हॉकी भी मेरा प्रिय खेल- मानवेन्द्रसिंह जसोल

नेहरू हॉकी एक प्रतिष्ठित र्टूनामेंट हैं जिसमें जिले से बेहतर खिलाड़ी भाग ले यही लक्ष्य होना चाहिए - आजादसिंह राठौड़

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बाड़मेर

बच्चों को खेल में कैरियर बनाने की राह मंे आगे बढना चाहिए क्योंकि शिक्षा के साथ-साथ खेल का भी जीवन में अपना महत्व हैं मेरे विद्यार्थी काल में मेरा सबसे प्रिय खेल फुटबॉल रहा हैं मगर फुटबॉल के साथ में हॉकी भी खेलता था इसलिये हॉकी भी मेरा पसंदीदा खेल हैं। बच्चों को खेल के क्षेत्र में आगे बढाने में सबसे ज्यादा योगदान उसके परिवार का होता हैं क्योंकि परिवार से ही पौष्टिकता प्राप्त होती हैं जिसके बिना आगे बढना संभव नहीं इसलिये परिवार को भी खेल के प्रति जागरूक होकर बच्चों को सहयोग करें तथा उन्हें पौष्टीक आहार उपलब्ध कराये जो कि खेल के लिये अति आवश्यक हैं उक्त उद्गार जिला स्तरीय नेहरू हॉकी खेलकूद प्रतियोगिता के समापन समारोह में बतौर मुख्यअतिथि के पद से बोलते हुए शिव विधायक मानवेन्द्रसिंह जसोल ने कहे।

विधायक ने विजेता टीम को आगे बढने की शुभकामना दी तथा हारने वाली टीम को निराश न होकर नियमित अभ्यास की बात कही जिससे भविष्य में विजेता बन सके। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए युवा नेता एवं आर.सी.ए. के प्रदेश कोषाध्यक्ष आजादसिंह ने कहा कि नेहरू हॉकी टूर्नामेंट देश का एक प्रतिष्ठित टूर्नामेंट हैं जिसमें भाग लेना प्रदेश एवं जिले के लिये गौरव की बात हैं खिलाड़ी को खेल में अपना शत प्रतिशत देना चाहिए जिससे खेल के क्षैत्र में बाड़मेर का आगे नाम हो तथा यहां के खिलाड़ीयों को आगे बढने के अवसर मिले आजादसिंह ने अपने ही गांव में पहुंच कर गौरव की अनुभूति करते हुए आयोजकों का आभार प्रदर्शन किया।

विशिष्ट अतिथि के रूप में बोलते हुए अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक गुलाबसिंह राठौड़ ने कहा कि स्वस्थ मन में शिक्षा ग्रहण करने के लिये स्वस्थ तन होना आवश्यक हैं और स्वस्थ तन हमें खेलों से ही प्राप्त होता, खेलना हमारे लिये आवश्यक हैं क्योंकि परीक्षा में मूल्यांकन अंको के आधार पर होता जिससे सिर्फ किताबी ज्ञान मिलता हैं जबकि खेलों से व्यक्ति बर्हीमुखी होता हैं जो सभी क्षेत्रो में सफलता प्राप्त करता हैं सफलता प्राप्त करने के लिये जीवन में कई ठोकरे खानी पड़ती हैं और जितनी ठोकरें खाओगे उतने ही जीवन में सफल होगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में बोलते हुए शिक्षाविद् कमलसिंह महेचा ने सभी आये हुए अतिथियों का स्वागत करते हुए खिलाड़ी एवं छात्रों को जीवन में कठिन परिश्रम करने की सलाह दी क्योंकि परिश्रम के बिना जीवन में सफलता नहीं मिलती और कठिन परिश्रम ही सफलता की कुंजी हैं

इस मंत्र को अपने जीवन में अपनाकर आगे बढने की बात कही। प्रतियोगिता आयोजन सचिव एवं प्रधानाचार्य राजन कुमार शर्मा ने प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि दो दिन तक आयोजित इस प्रतियोगिता में जिले की छः टीमों के 96 खिलाडि़यों ने भाग लिया जिसमें प्रथम स्थान आयोजक विद्यालय रा.उ.मा.वि. चूली नें प्राप्त किया एवं द्वितीय स्थान रा.उ.मा.वि. इन्द्रोई ने प्राप्त किया प्रतियोगिता के सफलतम आयोजन हेतु निर्णायक मंडल, स्थानीय विद्यालय कमेटी एवं ग्रामवासियों का आभार प्रकट किया। कार्यक्रम में प्रतियोगिता आयोजन में सहयोग करने वाले भामाशाह, निर्णायक, व्यवस्थार्थ लगे कार्मिकों को स्मृति चिन्ह एवं संजीवनी क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी द्वारा बैग प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन मनीष कुमार सुथार ने किया। अंत में गांव की और टीलसिंह महेचा जिलाध्यक्ष राजस्थान राज्य मंत्रालयिक कर्मचारी महासंघ ने सभी आगन्तुक मेहमान एवं खिलाडि़यों का आभार प्रकट किया।

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