वीर हुतात्माओं के परिवारों के लिए आगे आईं कई संस्थाएं

थार के वीर कार्यक्रम के माध्यम से की निश्शुल्क शिक्षा, चिकित्सा आदि की घोषणा

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बाड़मेर।

आदर्श स्टेडियम में 26 फरवरी को हुए थार के वीर : आओ करें सलाम कार्यक्रम के माध्यम से 34 शिक्षण संस्थाएं, 4 चिकित्सा संस्थान और 2 ट्रेवल्स एजेंसियां वीर हुतात्माओं के परिवारों के लिए आगे आईं हैं। कार्यक्रम संयोजक रघुवीर सिंह तामलोर ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य मात्र शहीद परिवारों को स्मृति-चिह्न एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित करने तक सीमित नहीं रहे, इसके लिए कई संस्थाओं से संपर्क किया गया। इसके बाद बड़ी संख्या में चिकित्सा, शिक्षा, ट्रेवल्स, विधिक सहायता आदि से जुड़ी संस्थाएं आगे आई और उन्होंने शहीद परिवारों की चार पीढ़ी तक निश्शुल्क व्यवस्थाएं करने की घोषणा की।

इन संस्थाओं ने उठाया बीड़ा :-

शिक्षा

दिल्ली पब्लिक स्कूल बाड़मेर, श्री किसान केसरी स्कूल बाड़मेर, सक्सेस पॉइंट बाड़मेर, गौरव विद्या मंदिर बाड़मेर, माधव कॉलेज बाड़मेर, फ्यूचर लिंक टेक्नो स्कूल बाड़मेर, जाह्नवी संस्थान बाड़मेर, एसजी किड्स स्कूल बाड़मेर, आनंद विद्या मंदिर बाड़मेर, डूंगर विद्या मंदिर बाड़मेर, सिद्धार्थ विद्या मंदिर बाड़मेर, श्री गणेश विद्या मंदिर बाड़मेर, श्रीराम कम्प्यूटर्स बाड़मेर, महेश पब्लिक स्कूल बाड़मेर, गुरुमंछ विद्या मंदिर सिवाना, सूपर्म रॉयल एजुकेशन एकेडमी समदड़ी, देव प्राग विद्या मंदिर सिणधरी, संत राजेश्वर इंटरनेशनल स्कूल समदड़ी, सरस्वती बाल विद्या मंदिर जसाई, माँ सरस्वती विद्यालय सिणधरी, कृष्णा किड्स एकेडमी सिणधरी, परमेश्वर बाल विद्या मंदिर सिणधरी, माउंट लिट्राजी पब्लिक स्कूल बालोतरा, सरस्वती शिक्षण संस्थान सिणधरी, डॉ एस राधाकृष्णन स्कूल धोरीमन्ना, मॉडर्न पब्लिक स्कूल भाटाला, सारथि पब्लिक स्कूल बाड़मेर, विद्या भारती संस्थान सीकर, सनसिटी पब्लिक स्कूल सिणधरी, श्री भगवती शिक्षण संस्थान धनवा, अरविंद विद्या मंदिर बाड़मेर, अमृता देवी मेमोरियल पब्लिक स्कूल गुड़ामालानी, एटलस ग्लोबल एकेडमी बाड़मेर तथा मधुबन छात्रावास बाड़मेर।

चिकित्सा

थार हॉस्पिटल बाड़मेर, नीलकंठ हॉस्पिटल बाड़मेर, हिमालया डायग्नेसिस बाड़मेर तथा सत्यम डायग्नेस्टिक बाड़मेर।

ट्रेवल्स

थार ट्रेवल्स बाड़मेर तथा स्वागत ट्रेवल्स बाड़मेर।

विधिक सहायता

एडवोकेट मुकेश जैन बाड़मेर।

गौरतलब है की करगिल विजय के हीरो यादव ने अपने भाषण की शुरुआत में कहा कि वह बाड़मेर की पुण्य धरा पर आकर स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। भारत की धरती हमारी माता है, और हमारे संस्कार हमारी मिट्टी से माता-पिता के माध्यम से शरीर में प्रवेश करते हैं। हिंदुस्तान हमारे दिलों में बसना चाहिए। राष्ट्र और राष्ट्रवासियों को प्रथम रखकर कार्य करें।

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