बीएसफ जवानो के नाम पर हथियार के फ़र्ज़ी लाइसेंस लेने वाले दो और गिरफ़्तार

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बाड़मेर/जैसलमेर

सेना के जवानो के नाम से फ़र्ज़ी हथियार लाइसेंस लेने वालो के ख़िलाफ़ चल रहे अभियान के तहत एटीएस ने सीमावर्ती जैसलमेर व बाड़मेर से दो युवकों सहित  पचास लोगों को गिरफ़्तार किया है। बाड़मेर जैसलमेर से गिरफ़्तार लोगों से छः हथियार, पाँच कारतूस व दो फ़र्ज़ी लाइसेंस ज़ब्त किए है। इस मामले में एटीएस ने अब तक 50 व्यक्तियों को गिरफ़्तार कर चुकी है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक(एटीएस) उमेश मिश्रा के मुताबिक़ हथियारों के फ़र्ज़ी लाइसेंस लेने वालों के ख़िलाफ़ अभियान के तहत जैसलमेर में मोहनगढ निवासी पूनम चौधरी पुत्र उमाराम को सोमवार को गिरफ़्तार किया गया। उसने सीमा सुरक्षा बल सिपाही के नाम से 12 बोर गन या राइफ़ल/पिस्तोल का फ़र्ज़ी हथियार लाइसेंस बना रखा था । आरोपित के क़ब्ज़े से फ़र्ज़ी लाइसेंस, 32 बोर रिवाल्वर, 12 बोर गन, 315 बोर राइफ़ल ज़ब्त की गई है। यह चितोड़गढ में डोडा पोस्त के ठेके का काम करता था।
बाड़मेर ज़िले में गिड़ा निवासी चतुराराम पुत्र डालुराम जाट को मंगलवार को गिरफ़्तार किया गया। उसकी निशानदेही से 32 बोर रिवाल्वर, 12 बोर गन, 5 कारतूस बरामद किया गए है। आरोपित चतुराराम शराब की दुकान के साथ ही डोडा पोस्त का काम और ठेकेदारी करता है।

एक ने किया समर्पण

वही राजसमंद ज़िले में गुड़ली निवासी दीपेश ने मंगलवार को एटीएस के समक्ष समर्पण किया। पूछताछ के बाद उसे गिरफ़्तार कर लिया गया।

सद्दाम के मार्फ़त आए संपर्क में

एटीएस का कहना है की आरोपित पूनम व चतुराराम ने सीमा सुरक्षा बल में जवान के नाम से हथियार के फ़र्ज़ी लाइसेंस ले रखे थे। जो सद्दाम के माध्यम से गैंग के सम्पर्क में आए थे। आरोपितों ने पाँच-पाँच लाख का भुगतान किए थे।

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