बाड़मेर संसदीय क्षेत्र में 19.39 लाख मतदाता कर सकेंगे मतदान

अंतिम दिन पांच नामांकन वापसी के बाद सात उम्मीदवार चुनावी मैदान में।

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file photo

बाड़मेर।

बाड़मेर संसदीय क्षेत्र से 19 लाख 39 हजार 19 मतदाता मतदान कर सकेंगे। लोकसभा चुनाव को लेकर जिला एवं पुलिस प्रशासन की ओर से माकूल इंतजाम किए गए हैं। नामांकन वापसी की अंतिम तिथि के बाद सात उम्मीदवार चुनावी मैदान में है। इनको चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए गए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी हिमांशु गुप्ता ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में पत्रकार वार्ता के दौरान यह बात कही।

जिला निर्वाचन अधिकारी हिमांशु गुप्ता ने बताया कि बाड़मेर संसदीय क्षेत्र में 29 अप्रैल को होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारो को चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए गए है। इसके तहत भारतीय जनता पार्टी से कैलाश चौधरी को कमल, इंडियन नेशनल कांग्रेस से मानवेन्द्रसिंह को हाथ, बहुजन मुक्ति पार्टी से रमेश कुमार मेघवाल को चारपाई, निर्दलीय पोपटलाल को रोड रोलर, भेराराम जाखड़ को एअरकंडीस्नर, मूलाराम को चाबी एवं हनीफ को आटो रिक्शा चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी गुप्ता ने बताया कि बाड़मेर संसदीय क्षेत्र में 2552 मतदान केन्द्र बनाए गए है। इसमें 2194 मतदान केन्द्र बाड़मेर एवं 358 जैसलमेर जिले के है। लोकसभा चुनाव में  बाड़मेर संसदीय क्षेत्र से 19 लाख 39 हजार 19 मतदाता मतदान कर सकेंगे। इसमें बाड़मेर जिले के 17 लाख 7 हजार 32 एवं जैसलमेर जिले के 2 लाख 31 हजार 987 मतदाता शामिल है। उन्होंने बताया कि बाड़मेर संसदीय क्षेत्र में 10 लाख 31 हजार 184 पुरूष एवं 9 लाख 7 हजार 822 महिला मतदाता है। जबकि 13 ट्रांसजेंडर मतदाता है। बैलेट पेपर मुद्रित करवाने संबंधित आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर दी गई है। उनके मुताबिक आगामी दिनो में ईवीएम का द्वितीय रेंडमाईजेशन चुनाव आयोग के निर्देशानुसार करवाया जाएगा। मतदान केन्द्रों पर बिजली ,पानी, रैम्प एवं शौचालय की सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही है। इसके तहत 140 मतदान केन्द्रों पर अस्थाई विद्युत कनेक्शन एवं 40 मतदान केन्द्रों पर सौलर पैनल के जरिए विद्युत की व्यवस्था की जाएगी। सर्विस वोटर्स के लिए ईटीपी जारी कर दिए गए है।

उन्होंने बताया कि लोकसभा चुनाव के लिए द्वितीय प्रशिक्षण 15 अप्रैल से इंजीनियरिंग कालेज जालीपा में आयोजित होगा। इस बार लोकसभा आम चुनाव में मतदाता केवल वोटर स्लिप के आधार पर मतदान नहीं कर सकेंगे। मतदान के लिए मतदाता को इपिक कार्ड (मतदाता फोटो युक्त पहचान पत्र) दिखाना होगा। इपिक कार्ड नहीं होने की स्थिति में 11 अन्य वैकल्पिक दस्तावेजों में से किसी एक को दिखाने पर ही मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि आयोग के निर्देशानुसार लोकसभा चुनाव में इपिक कार्ड के अलावा पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेन्स, राज्य या केन्द्र सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, पब्लिक लिमिटेड कम्पनियों की ओर से अपने कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, बैकों या डाकघरों की ओर से जारी की गई फोटोयुक्त पासबुक, पेन कार्ड, आरजीआई एवं एन.पी.आर की ओर से जारी किए गए स्मार्ट कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम मंत्रालय की योजना की ओर से जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, विधायकों, सांसदों को जारी किए सरकारी पहचान पत्र या आधार कार्ड में से कोई एक दस्तावेज को मतदान करते समय दिखाना जरूरी होगा। मतदाता पर्ची पहचान का आधार नहीं मानी जाएगी।

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