स्वाईन फ्लू रोग के उपचार के पुख्ता प्रबंध हो-चिकित्सा मंत्री डॉ. शर्मा

चिकित्सा मंत्री ने ली चिकित्सा अधिकारियो की बैठक, दिए निर्देश

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जैसलमेर।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, आयुर्वेद तथा जनसम्पर्क मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार स्वाईन फ्लू रोग के उपचार के लिए कारगर व्यवस्थाएं लागू की गई है। उन्होंने कहा कि स्वाईन फ्लू रोग के उपचार के लिए सभी चिकित्सकों को प्राथमिकता से कार्य करने के निर्देष दिए जा चुके है। इसके साथ ही सभी जिला मुख्यालयों पर जांच केन्द्र खोले जाकर जांच की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने कहा कि स्वाईन फ्लू पोजिटिव होना चुनौती है मगर यह लाईलाज नहीं है तथा इससे बचाव के लिए अवेयरनेस बहुत जरूरी है।

जनजागरूक कार्यक्रम पर विशेष जोर दें

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शर्मा गुरूवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित चिकित्सा अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहें थें। बैठक में जैसलमेर विधायक रूपाराम धनदेव, जिला प्रमुख श्रीमती अंजना मेघवाल, अतिरिक्त जिला कलक्टर वीरेन्द्र कुमार वर्मा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामेष्वर मीणा, उपखण्ड अधिकारी विकास राजपुरोहित के साथ ही जिले के चिकित्सा अधिकारी उपस्थित थें। चिकित्सा मंत्री ने चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में स्वाईन फ्लू के प्रति सजग रहें एवं रोगी के लक्षण पाते ही उपचार समय पर सुनिष्चित कर दें। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए कि वे सभी विद्यालयों में चिकित्सकों को भेजकर स्वाईन फ्लू रोग के संबंध में जागरूक कार्यक्रम चलावें एवं विद्यालय के प्रार्थना सभाओं में इस रोग के लक्षण एवं उपचार के बारे में अवगत करावें ताकि हम इस रोग पर समय रहते नियंत्रण कर सकें।

मरीजों को चिकित्सा सेवाओं का पूरा लाभ प्रदान करें

चिकित्सा मंत्री ने सभी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर होर्डिंग्स लगाकर उस पर स्वाईन फ्लू रोग के लक्षण एवं उपचार के संबंध में पोस्टर डिस्प्ले करावें साथ ही सभी चिकित्सको को यह हिदायत दी कि वे मरीज को बाहर की दवाई एवं जांच के लिए पर्ची नहीं लिखें एवं निःशुल्क दवा एवं जांच की सुविधा चिकित्सालय में उपलब्ध है उसका पूरा लाभ मरीजों को प्रदान करें। उन्होंने सख्त हिदायत दी कि जो चिकित्सक बाहर की दवा एवं जांच लिखेगा उसके खिलाफ अवष्य ही कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने यह भी कहा कि चिकित्सालय में जो लपके मरीजों को बाहर की दवाई व जांच के लिए भ्रमित करते है उनके खिलाफ भी पुलिस द्वारा कार्यवाही करवाई जायें। उन्होंने कहा कि स्वाईन फ्लू रोग के रोकथाम के लिए दवा की कोई कमी नहीं है बल्कि हमें इस परिस्थिति में सेवा भाव से कार्य कर मरीजों का उपचार करना है।

व्यवहार मधुर रखें

उन्होंने कहा कि चिकित्सक को मरीज भगवान के समान समझता है इसलिए उन्हें अपने व्यवहार में बदलाव लाकर सदैव मरीज के साथ मधुर व्यवहार रखकर उसका उपचार करें ताकि उसकी आधी बीमारी तो डॉक्टर के व्यवहार से ही ठीक हो जायेगी। उन्होंनेे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से जिले की चिकित्सा व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी ली एवं निर्देष दिए कि वे सभी क्षेत्रों मंे लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि हासिल करें। उन्होंने यह भी कहा कि जैसलमेर जिला पर्यटन की दृष्टि से विष्व मानचित्र पर अपनी अलग पहचार बनाए हुए है इसलिए हमें जिला अस्पताल में बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करानी है।

नषा एवं एनीमिया मुक्त अभियान का प्रभावी हो संचालन

चिकित्सा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा नशा मुक्ति अभियान एवं एनीमिया मुक्त राजस्थान अभियान की शुरूआत बुधवार से ही पूरे प्रदेश में कर दी गई है। उन्होंने सभी चिकित्सा अधिकारियों को कहा कि वे इस अभियान का प्रभावी ढंग से संचालन कर जिले को नशा एवं एनीमिया जैसी बुरे व्यसनों व बीमारियों से मुक्त करावें। उन्होंने इसके लिए जनप्रतिनिधियों से भी कहा कि वे इस अभियान के सफल संचालन में पूरा सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि सबसे पहले नषा मुक्ति की शुरूआत स्वंय से करें तभी हम इस अभियान में सफल हो सकेगें। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही जिला स्तर पर टी.बी अस्पताल में जिला मुख्यालय पर सभी प्रकार की जांच के लिए जांच केन्द्र शुरू कर दिए जायेगें। उन्होंने आयुर्वेद चिकित्सकों को स्वाईन फ्लू रोकथाम के लिए अधिक से अधिक लोगों को काढा पिलाने के निर्देष दिए।

जैसलमेर विधायक रूपाराम धनदेव ने चिकित्सा मंत्री को कहा कि यह जिला क्षेत्रफल की दृष्टि से बहुत बडा है इसलिए यहां सीमान्त क्षेत्र के गांवों में स्वास्थ्य केन्द्रों में बढोतरी की जावें। उन्होंने इसके साथ ही जिला अस्पताल में विषेषज्ञ चिकित्सकों का पदस्थापन करने एवं रिक्त पदों पर चिकित्सकों एवं एएनएम के पद नई भर्ती में प्राथमिकता से लगाने की आवष्यकता जताई। उन्होंने चिकित्सकों को भी मधुर व्यवहार के साथ रोगियों का उपचार करने की सलाह दी।

जिला प्रमुख श्रीमती अंजना मेघवाल ने स्वाईन फ्लू के बचाव के लिए सभी चिकित्सकों को अपने-अपने क्षेत्र के लिए सप्ताह में 5 दिन का कार्यक्रम बनाकर विद्यालयों में जागरूक कार्यक्रम संचालित करने एवं प्रार्थना सभाओं मे विद्यार्थियों के लक्षण, बचाव एवं उपचार के बारे में संदेश देने की आवष्यकता जताई।

अतिरिक्त जिला कलक्टर वीरेन्द्र कुमार वर्मा ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा चिकित्सा अधिकारियों के साथ प्रत्येक सप्ताह सोमवार को बैठक ली जाकर स्वाईन फ्लू रोग के उपचार के संबंध में किए जा रहें प्रबंधन के बारे में जानकारी ली जाती है। उन्होंने विष्वास दिलाया कि मंत्री जी ने जो दिशा निर्देश प्रदान किए है उसकी पालना की जाकर जिले में बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने का पूरा प्रयास किया जायेगा।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.बी.एल.बुनकर ने बैठक के दौरान जिले की चिकित्सा प्रबंधन व्यवस्था, स्वाईन फ्लू रोग के संबंध में किए गए उपचार व्यवस्था एवं अन्य चिकित्सा सेवाआंे में की गई प्रगति से अवगत कराया। बैठक में प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. उषा दुग्गड, जिला क्षय अधिकारी डॉ. बी.के.बारूपाल, उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एम.एल.सोनी सहित सभी चिकित्सा अधिकारी उपस्थित थें।

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